मानसून की बेरुखी से बिजली की मांग में वृद्धि बरकरार है। पिछले कई दिनों से अधिकतम मांग 26 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। ऐसे में बिजली का उत्पादन कर रही तापीय परियोजनाओं को भी अतिरिक्त बोझ से जूझना पड़ रहा है।
बिजली की अधिकतम मांग का आंकड़ा बृहस्पतिवार को भी 26124 मेगावाट दर्ज किया गया। कहां परियोजनाएं मानसून आने पर कोयला स्टॉक बढ़ाने की आस लगाए बैठी थी। वहीं मौसम ने रुख बदलकर परियोजनाओं के सभी प्रयासों पर पानी फेर दिया। बिजली की मांग को पूरा करने में परियोजनाएं हांफने लगी हैं। बिजली की न्यूनतम मांग में बृहस्पतिवार को दो हजार मेगावाट से अधिक का इजाफा देखा गया। मंगलवार को 15 हजार मेगावाट के आसपास दर्ज हुई बिजली की न्यूनतम मांग बृहस्पतिवार को 17858 मेगावाट पहुंच गई। बढ़ी हुई बिजली की मांग के आंकड़े को पूरा करने में परियोजनाएं भी भरपूर उत्पादन कम मांग को पूरा करने का प्रयास कर रही है। इस दौरान निगम की सभी इकाइयों से 3721 मेगावाट और निजी क्षेत्र की इकाइयों से 6076 मेगावाट उत्पादन किया गया।