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Sonebhadra News: कंक्रीट के जंगलों में बढ़ी तपिश, पारा <bha>@</bha> 43.6 डिग्री

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सोनभद्र। गर्मी लोगों पर कहर ढा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले मई में 44 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था। चिलचिलाती धूप के साथ ही गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। वहीं बिजली कटौती लोगों की मुश्किल बढ़ा रही है। कंक्रीट के जंगलों में रह रहे लोगों को कहीं भी राहत नहीं मिल रही। आसमान में मंडराते बादल थोड़ी उम्मीद जगा रहे हैं, लेकिन सूरज की तपिश से लोग बेहाल हैं।
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एक पखवाड़े से लगातार लोग बेतहाशा गर्मी का प्रकोप झेल रहे हैं। सुबह नौ बजे तक ही तापमान 38-39 डिग्री के करीब पहुंच जा रहा है। गर्मी से सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा पसर जा रहा है। शाम छह बजे के बाद ही सड़क पर चहल-पहल बढ़ रही है। गर्मी से राहत देने वाले शीतल पेय पदार्थों की मांग में इजाफा हुआ है। गर्मी में सबमर्सिबल पंप भी जवाब देने लगे हैं। शनिवार को अधिकतम पारा 43.6 डिग्री रहा तो न्यूनतम 28.5 डिग्री रिकार्ड किया गया।
लग रहे अघोषित कट, लो वोल्टेज की बढ़ी समस्या
गर्मी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी ध्वस्त कर दिया है। शेड्यूल के अनुसार कटौती मुक्त रखे गए जिला मुख्यालय पर भी इन दिनों अघोषित कटौती हो रही है। दिन में दो से तीन घंटे बिजली गुल हो जा रही है। हाल यह है कि घर में पंखा, कूलर होने के बाद भी लोग इसका सुख नहीं ले पा रहे। कम वोल्टेज के कारण ज्यादातर उपकरण काम नहीं कर रहे। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खपत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। गर्मी के कारण भी तारों के टूटने, जंपर उड़ने व ट्रांसफार्मर गर्म होने से बार-बार फाल्ट के कारण आपूर्ति बंद हो रही है।
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लू, डायरिया के बढ़े मरीज, अस्पतालों में लग रही भीड़
सोनभद्र। चिलचिलाती धूप और उमस के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ा है। अस्पतालों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त, डायरिया व लू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पीड़ितों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या डेढ़ गुनी हुई है।
जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ एसएस पांडेय का कहना है कि इस मौसम में लू का खतरा बढ़ा है। धूप से बचने के लिए घर से निकलते समय पानी पीकर ही निकलें। खानपान के प्रति भी सचेत रहने की जरूरत हैं। संभव हो तो दोपहर में यात्रा करने से परहेज करें। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ प्रशांत शुक्ला ने बताया कि धूप से बचने के लिए बच्चों को घर के अंदर ही रखें। इस मौसम में बच्चों के पेट में जलन, उल्टी और खांसी के मरीजों का इजाफा हुआ है। समय समय पर इलेक्ट्राल पावडर और ग्लूकोज पिलाते रहें।
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