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Sonebhadra News: जांच करानी है तो 11 बजे तक आओ, वरना निजी केंद्रों पर जाओ

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सोनभद्र। मलेरिया-टाइफाइड और डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच जिला अस्पताल में मरीजों के खून की जांच करने वाली फुली आटोमेटिक मशीन खराब हो गई है। पिछले दस दिनों से मशीन खराब होने से मरीजों को जरूरी जांचों के लिए निजी लैब जाना पड़ रहा है। इससे उपचार भी प्रभावित हो रहा है। यही हाल एक्सरे, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य सेवाओं का भी है।
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रोजाना करीब 600 मरीजों की ओपीडी वाले जिला अस्पताल में इन दिनों वायरल बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल आने वाले तमाम मरीजों को बीमारी की पहचान के लिए खून जांच की जरूरत हो रही है। वह सैंपल भी दे रहे हैं, लेकिन पूरी रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। पैथालॉजी में लगी फुली आटोमेटिक मशीन दस दिनों से खराब है। ऐसे में शुगर सहित अन्य सामान्य जांच के अलावा आरएफटी, एलएफटी, सीबीसी सहित अधिकांश जांच प्रभावित हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
काउंटर छोड़कर कर्मी नदारद
जिला अस्पताल की ओपीडी भले ही दो बजे तक की है, मगर पैथालॉजी का समय ग्यारह बजे तक ही है। समय होते ही कर्मी टेबल छोड़कर हट जाते हैं। अगर दो बजे तक चलने वाली ओपीडी में किसी मरीज को चिकित्सक ने 10.55 पर अगर ब्लड की जांच लिखा ताे दूसरे तल पर पहुंचने पर उसका रजिस्ट्रेशन भी नहीं हाे पाता। फिर गरीब तबके के मरीजों काे निराश लौटना पड़ता है। ऐसी ही स्थिति बुधवार को भी रही। एक ओर जहां मशीन खराब होने से जांच अधूरी होती रही तो वहीं ग्यारह होते ही रजिस्ट्रेशन कक्ष की कुर्सी खाली हो गई। जिससे लोगों को निराश लौटाना पड़ा।
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बस 11 बजे तक ही होता है एक्सरे
क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा जिला होने के कारण यहां ग्रामीण क्षेत्रों से मुख्यालय तक आने में घंटों लग जाते हैं। ऐसे में सुबह 11 बजे तक ही एक्सरे की सेवा मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी है। जिला अस्पताल की ओपीडी का समय आठ से दोपहर दो बजे तक है। विडंबना है कि ओपीडी छह घंटे की है, मगर एक्सरे 11 बजे तक यानी तीन घंटे ही होता है। उसमें भी सुबह कर्मी समय से नहीं पहुंचते हैं।
रिपोर्ट मिली अधूरी
ओबरा निवासी शमशेर सिंह सोमवार को उपपचार के लिए जिला अस्पताल में जांच के लिए सैंपल दिया था। जब वे बुधवार को रिपोर्ट लेने पहुंचे ताे उन्ही अधूरी रिपोर्ट मिली। समशेर ने बताया कि एलएफटी जांच नहीं हो सकी। बताते चलें कि अस्पताल में कई चिकित्सक लेट आने के आदि हो चुके हैं। बुधवार को कई चिकित्सक समय से एक घंटे पहले ही ओपीडी छोड़कर चले गए।
उपचार कराने के लिए सुबह ही जिला अस्पताल आया हूं। चिकित्सक ने जांच लिखी है, तो पता चला की मशीन ही खराब है। अब बाहर से जांच करानी होगी। - संतकुमार, शाहगंज,
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45 किलोमीटर दूर से जिला अस्पताल में इलाज कराने आया हूं। मशीन ही खराब है। ऐसे में अब वापस लाैट रहा हूं। - विनोद कुमार , ओेबरा
मरीजों को बेहतर सेवा मिले। इसके लिए निरंतर प्रयास चल रहा है। जो भी दिक्कतें हाेंगी उन्हें ठीक कराया जाएगा। - डॉ. डीके. सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।
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