सोनभद्र। उप कृषि निदेशक जयप्रकाश की अध्यक्षता में कंबाइन व हार्वेस्टर धारकों की बैठक हुई। बैठक में एनजीटी के निर्देशों से अवगत कराते हुए किसी भी हाल में पराली न जलाने की हिदायत दी।
बताया कि जो किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाएंगे, उन पर एनजीटी की तरफ से निर्धारित अर्थदंड भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदंड 2500 रुपये प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्र फसल पांच एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड 5000 प्रति घटना। फसल पांच एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थ दण्ड 15000 रुपये प्रति घटना वसूलने का प्रावधान है। साथ ही बिना स्ट्रा रीपर/सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम से धान की कटाई करने वाले हार्वेस्टिंग मशीन (कंबाइन) को सीज कर जब्त किया जाएगा।
सभी कम्बाइन हार्वेस्टर धारक धान की कटाई के लिए एसएमएस (सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम) को अटैच करके ही फसल कटाई का कार्य करें। क्योंकि एसएमएस फसल अवशेष को छोटे-ंछोटे टुकड़ों में काट कर जमीन में बिखेर देता है। छोटे टुकड़ों में कटे अवशेष जमीन में मिलकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होगा। साथ ही पराली जलाने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण में भी रोक लगेगी।