बढ़ती गर्मी के बावजूद प्रदेश में बिजली मांग 30 हजार के स्तर पर बरकरार है। अनपरा की एक इकाई को छोड़कर राज्य उत्पादन निगम की अन्य सभी इकाइयां पूर्ण क्षमता से चल रही हैं। जल विद्युत परियोजनाओं का भी सहारा लिया जा रहा है। रिहंद की सभी छह इकाइयों को चलाकर 275 मेगावाट बिजली तैयार की गई।
शनिवार को पीक आवर में बिजली की मांग 30336 मेगावाट रही, रविवार को पीक आवर में बिजली की मांग 390 मेगावाट घटकर 29946 मेगावाट पर आ गई। सोमवार को पीक आवर में फिर बिजली की अधिकतम मांग 217 मेगावाट बढ़कर 30163 मेगावाट पहुंच गई।
बिजली की इस अप्रत्याशित मांग को पूरा करने के लिए निगम परियोजनाओं सहित जल विद्युत परियोजनाओं का भी सहारा लिया जा रहा है। सोमवार को पीक आवर में निगम की अनपरा तापीय परियोजना ने 2074 मेगावाट, ओबरा से 1033 मेगावाट, हरदुआगंज 966 मेगावाट, पारीछा से 591 मेगावाट, जवाहरपुर से 255 मेगावाट बिजली सप्लाई दी गई।
निगम में बिजली शेयर करने वाली लैंको अनपरा ने 1101 मेगावाट, बजाज एनर्जी ने 406 मेगावाट, बारा पीपीजीसीएल ने 1716 मेगावाट, ललितपुर ने 1842 मेगावाट, मेजा ने 1201 मेगावाट, रोजा से 1084 मेगावाट, टांडा से 297 मेगावाट का उत्पादन कर कुल 11,958 मेगावाट बिजली निगम को बिजली सप्लाई दी गई।
शेष बिजली आपूर्ति के लिए सेंट्रल पूल की मदद ली गई। खारा जल विद्युत परियोजना से 43 मेगावाट, ओबरा से 59 मेगावाट और रिहंद हाइडिल से 275 मेगावाट का उत्पादन किया गया।