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दहेज हत्या में पति, ससुर और ननद को 10-10 वर्ष की कैद

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पांच वर्ष पूर्व हुई विवाहिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राहुल मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को पति, ससुर और ननद को दोषी करार दिया। तीनों को दस-दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाने में 21 जुलाई 2017 को दी तहरीर में मप्र के रीवा जिला अंतर्गत शाहपुर थाना क्षेत्र के भमरा गांव निवासी नेत्रकरन चतुर्वेदी ने बेटी के ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाया था। तहरीर में कहा था कि बेटी पुष्पा की शादी दो मार्च 2016 को रीवा जिला अंतर्गत लोर थाना क्षेत्र के पताई गांव निवासी विवेक शुक्ला (हाल पता शक्तिनगर) के साथ हुआ था। जब बेटी विदा होकर ससुराल गई तो वहां दहेज में 5 लाख रुपये की मांग को लेकर पति, ससुर व ननद प्रताड़ित करने लगे। जब भी बेटी मायके आती थी तो सारी बात बताती थी। दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो 20 जुलाई 2017 की रात में बेटी को मार दिया। इस तहरीर पर शक्तिनगर पुलिस ने दहेज हत्या में एफआईआर दर्ज कर लिया और पुलिस विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत पाए जाने पर विवेचक ने न्यायालय में पति, ससुर व ननद के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति विवेक शुक्ला, ससुर सुशील शुक्ला व ननद पूजा शुक्ला उर्फ पूजा मिश्रा को 10-10 वर्ष की कैद व 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी विजय यादव ने बहस की।
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