सोनभद्र। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के दस साल पुराने केस में अदालत ने आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी को संदेह का लाभ मिला है।
घोरावल कोतवाली क्षेत्र निवासी छोटू गुप्ता की बेटी संगीता की शादी धनावल गांव निवासी अमरनाथ से वर्ष 2005 में हुई थी। उसका गौना 2009 में हुआ था। इसी बीच 12 अप्रैल 2014 को संगीता ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। मामले में पिता ने आरोपी पति अमरनाथ और उसके माता-पिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने अमरनाथ के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था। मामले में आरोपी के अधिवक्ता और सरकारी वकील ने तर्क रखे। बृहस्पतिवार को सत्र न्यायाधीश रवींद्र विक्रम सिंह की अदालत ने आरोपी अमरनाथ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में बताया कि पीड़ित के पिता और भाइयों के बयान में विरोधाभास है। कोर्ट ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।