फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: बेखौफ अस्पताल संचालक, बस उन्हीं पर कार्रवाई, जहां होती है मौत

विज्ञापन
कोन में जुगाड़ सिस्टम से चल रहे अवैध अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर, जिसमें प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्
विज्ञापन
सोनभद्र। महज 18 दिन के भीतर जच्चा-बच्चा सहित छह की जिंदगी निजी अस्पतालों की भेंट चढ़ चुकी है। महकमे की तरफ से अवैध एवं मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे अस्पतालों पर शिकंजा कसने में बरती गई उदासीनता और ऑपरेशन-उपचार के दौरान हुई लापरवाही इसकी वजह है। इस दौरान तीन अस्पतालों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। डीएम चर्चित गौड़ ने स्वास्थ्य महकमे को संयुक्त टीम बनाकर जिले के सभी अस्पतालों की वैधता और डॉक्टर के रूप में काम कर रहे व्यक्तियों की डिग्रियों की जांच के निर्देश भी दिए थे। बावजूद विभाग इस मामले में संजीदगी नहीं दिखा सका है। 30 मई को कोन में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित ग्लोबल हॉस्पिटल में प्रसव के लिए लाई गई आशा कार्यकर्ता की मौत के बाद से हर सप्ताह किसी न किसी निजी अस्पताल में प्रसूता-मरीज के मौत का सिलसिला बना हुआ है। कोन वाले मामले में पुलिस दो को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अस्पताल संचालक पर इनाम घोषित करने के साथ उसके तलाश में जुटी हुई है। कोन क्षेत्र में महज एक साल के भीतर बगैर पंजीयन के संचालित अस्पताल में दूसरी मौत को देखते हुए पुलिस ने एक रिपोर्ट भी सीएमओ को भेजी थी। कहा था कि कोन क्षेत्र में ऐसे कई अस्पताल-क्लीनिक संचालित हैं, जिनकी स्थिति संदिग्ध है। ऐसे सभी अस्पतालों-क्लीनिकों की वैधता और उसमें डॉक्टर बन कर काम कर रहे लोगों के डिग्री के जांच की जरूरत जताई गई थी। अनुरोध किया गया था कि संयुक्त टीम बनाकर जांच की जाए ताकि कोन क्षेत्र में दोबारा इस तरह की घटना न होने पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें