सोनभद्र। जमीन के टुकड़े के लिए 11 आदिवासियों की हत्या से चर्चा में आए घोरावल तहसील के उभ्भा गांव के 281 गरीबों (आदिवासी परिवारों) को उनके पट्टे की जमीन पर कब्जा दे दिया गया। प्रशासन ने लगभग 852 बीघे जमीन की पैमाइश कराकर पट्टाधारकों को जमीन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की। इसकी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी प्रकाश चंद्र की तरफ से जिलाधिकारी एस राजलिंगम को भेजी जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में 17 जुलाई को उभ्भा गांव में एक समिति की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष से 11 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि दूसरे पक्ष से भी कुछ लोग घायल हो गये थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उभ्भा गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया था। उन्होंने जिला प्रशासन को मृतकों के आश्रितों एवं भूमिहीनों को चिह्नित कर पट्टे की जमीन आवंटित करने का निर्देश दिया था। उक्त आदेश के क्रम में घोरावल तहसील प्रशासन ने 281 लोगों को 852 बीघा जमीन पट्टा के लिए चिह्नित किया था। लेकिन उभ्भा के कुछ ग्रामीणों ने अपात्रों को पट्टे पर भूमि दिए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपकर अपात्रों का नाम सूची से हटाने तथा छूटे हुए पात्रों के नाम शामिल करने की मांग की थी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में चयनित लाभार्थियों के सूची का पुन: सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान सभी पात्र मिले। एसडीएम प्रकाशचंद्र ने बताया कि पिछले डेढ़ माह से राजस्व टीम चयनित 281 लाभार्थियों को पट्टे पर आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, जो मंगलवार को पूर्ण हो गई। इसकी रिपोर्ट डीएम और एडीएम को भेजी जा रही है।