स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में जरूरतमंद बुजुर्गों और स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा। पहले चरण के तहत दो हजार चश्मों का वितरण किया जाएगा। इसमें बुजुर्गों को 933 और बच्चों को 1070 चश्में मिलेंगे।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में हर साल अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल के साथ ही अन्य अस्पतालों में मोतियाबिंद का आपरेशन कराया जाता है। इसके साथ ही जिले के विभिन्न इलाकों में नि:शुल्क कैंपों का आयोजन कर लोगों के आखों की जांच की जाती है। इस दौरान ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाता है। जिन्हें चश्में की आवश्यकता होती है। मगर बड़ी तादाद में ऐसे लोग होते हैं। जो पैसे के अभाव में चश्मा नहीं लगवा पाते हैं। वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के परिषदीय स्कूलों में भी स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की टीमों की ओर से विभिन्न स्कूलों में कैंपों का आयोजन किया जाता है। जिसके तहत आंखों की निशुल्क जांच होती है। इस दौरान चश्मे की जरूरत वाले बच्चों को भी चिन्हित किया जाता है। आखों की जांच कर नंबर निकाला जाता है। कोरोना काल के बाद बच्चों में चश्मे की जरूरत महसूस हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले चरण में अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल को 200, सीएचसी घोरावल को 180, सीएचसी चोपन को 200, म्योरपुर में 200, दुद्धी को 173 चश्मा उपलब्ध करा दिया है। वहीं आरबीएसके के तहत 1070 बच्चों को निशुल्क चश्मा देगा। जिनकी आपूर्ति हो गई है। चोपन क्षेत्र में 217, चतरा में 24, दुद्धी क्षेत्र में 266 चश्मा वितरण के लिए भेज दिया गया है। वहीं बड़ी तादाद में चयनित अन्य लोगों को दुसरे चरण में जैसे-जैस निर्माणदाता कंपनी आपूर्ति करेगी। वैसे-वैसे वितरण होगा। प्रभारी सीएमओ डॉ. आरजी यादव ने बताया कि निशुल्क चश्मे के वितरण के लिए आर्डर दिया गया था। जिनते चश्मे की आपूर्ति हो गई है। उसका वितरण कराने के निर्देश दिए गये हैं।