जिले के लोगों को स्वास्थ्य की जांच और रिपोर्ट के लिए कई दिनों तक सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटने से राहत मिलेगी। जल्द ही दो अस्पतालों पर हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे। इसके माध्यम से 59 तरह की जांच एक ही जगह पर हो पाएगी। पहले चरण में सीएचसी चोपन और ब्लाक पीएचसी केकराही को चुना गया है। अगले चरण में ब्लाक स्तरीय अन्य अस्पतालों पर भी यह सुविधा शुरू होगी।
आदिवासी बहुल जिले के दूरदराज से आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ता है। सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टर-कर्मचारियों के साथ संसाधनों की कमी उनकी परेशानी बढ़ाती है। जांच और उपचार के लिए गरीब जनता को निजी केंद्रों में महंगा शुल्क चुकाना पड़ता है। व्यर्थ की भागदौड़ अलग होती है। अब उन्हें जल्द इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार की योजना है कि सभी ब्लाक स्तरीय अस्पतालों पर हेल्थ एटीएम की स्थापना हो। इससे ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में इलाज की सुविधा हाईटेक होगी। एक सैंपल में 59 जांचें हो सकेंगी। पहले चरण में स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी चोपन व ब्लॉक पीएचसी केकराही को चयनित कर हेल्थ एटीएम के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
बीपी-शुगर से लेकर एचआईवी की भी जांच
एटीएम के जरिए शरीर की स्क्रीनिंग होगी। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, ऑक्सीजन की मात्रा, बॉडी मास इंडेक्स, मेटाबॉलिक एज, बॉडीफैट, डिहाइड्रेशन, पल्स रेट, मसल मास सहित अन्य जांच होगी। पैथोलॉजी टेस्ट भी होगा जिसमें ग्लूकोज, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल की जांच की सुविधा होगी। भविष्य में इसके जरिये डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, यूरीन टेस्ट, गर्भावस्था जांच, टाइफाइड, एचआईवी, ईसीजी, टीएलसी, डीएलसी जैसी जांचें हो सकेंगी। इसमें कई ऐसी जांच होगी जो अभी तक ग्रामीण इलाकों में मौजूद नहीं हैं।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सीएचसी चोपन व ब्लॉक पीएचसी केकराही को हेल्थ एटीएम के लिए चयनित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। हेल्थ एटीएम से 59 प्रकार की जांच की सुविधा मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के लिए और भी अधिक सुलभ होंगी। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमओ।