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Sonebhadra News: मिर्जापुर में रिश्तेदारों का ग्रुप चला रहा गांजा तस्करी का रैकेट, हाइवे-रेलवे स्टेशन से जुड़े इलाके बने केंद्र

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सोनभद्र। तीन दिन पहले छह क्विंटल गांजा के साथ पकड़े गए तस्करों से पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पता चला है कि मिर्जापुर में रिश्तेदारों का एक समूह गांजा तस्करी का रैकेट चला रहा है। यह समूह दो बार बड़ी खेप पहुंचाने में सफल रहा था, लेकिन तीसरी बार पकड़ा गया। शाहगंज और एसओजी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस अब तस्करी के तारों को खंगालने में जुटी है। गत 24 सितंबर को रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर ओडिशा के दो तस्कर 6.25 क्विंटल गांजे के साथ पकड़े गए थे। पूछताछ में ओडिशा से मिर्जापुर तक सक्रिय एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में ओडिशा के कटक से जुड़े लोगों के नाम सामने आए। मिर्जापुर में दो रिश्तेदारों की तस्करी व रैकेट संचालन में अहम भूमिका का पता चला। एक रिश्तेदार हाईवे से, दूसरा रेलवे जंक्शन से जुड़ा है। यह समूह हाईवे और रेलवे नेटवर्क के जरिये गांजे को अन्य जिलों-राज्यों में भी आपूर्ति करता है। पुलिस गत आठ जुलाई और 22 अगस्त को मंगाई गई गांजा खेप की आपूर्ति स्थलों की जानकारी जुटा रही है। मिर्जापुर में इस तस्करी के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि 23-24 सितंबर की रात एसओजी और शाहगंज पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी खेप बरामद की थी। उन्होंने कहा कि आरोपी इसे मिर्जापुर जिले के लिए ले जा रहे थे और पहले भी सोनभद्र के रास्ते गांजे की खेप मिर्जापुर पहुंचा चुके हैं। गत 21 सितंबर को एसओजी और चोपन पुलिस ने छत्तीसगढ़ से मिर्जापुर गांजा पहुंचाने वाले गिरोह का खुलासा किया था। गिरफ्तार तीन तस्करों में एक मिर्जापुर का निवासी था। आरोपियों ने बताया कि ओडिशा से अंबिकापुर में गांजा लाकर उन्हें दिया गया था, जिसे मिर्जापुर के संतनगर पहुंचाना था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि जांच में सामने आने वालों पर कड़ी कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा।
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