ऊर्जांचल में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के लिए हरे पेड़ों को धड़ल्ले से काटा जा रहा है। वन विभाग की उदासीनता से अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। विश्व हिंदू परिषद के सोनभद्र विभाग के विशेष संपर्क प्रमुख जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदूषण पर लगाम लगाने को सरकार एक तरफ जहां प्रति वर्ष पौधरोपण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं दूसरी तरफ अतिक्रमणकारी सरकारी भूमि पर कब्जे के लिए खुलेआम हरे पेड़ों को काट रहे हैं। औड़ी से ककरी के मध्य बाकायदा जंगल को साफ करने का खेल जारी है। हाल ही में कहुआ नाला क्षेत्र में आम, अमरूद आदि फलदार पेड़ों को काट दिया गया। उन्होंने डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। इस बाबत वन दरोगा संजय दुबे ने बताया कि एनसीएल के सुरक्षा कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण को रोकवाकर पेड़ काटने वालों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।