फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र विशेष: गंगासागर स्नान के दौरान मिली भी शीतला मां की प्रतिमा

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र राबर्ट्सगंज नगर स्थित मां शीतला मंदिर प्राचीन है। गंगासागर में मिली देवी की प्रतिमा यहां स्थापित की गई है, जो वर्षों से भक्तों की मनोरथ पूर्ण कर रही हैं। वर्तमान समय में खासकर शारदीय एवं वासंतिक नवरात्र में हजारों की संख्या में भक्तगण पूजन करने आते थे। नगर सहित आस-पास क्षेत्रों के लोग कोई भी नए कार्य का शुभारंभ मां शीतला के आशीर्वाद लेने के बाद ही करते हैं।
विज्ञापन

जनश्रुतियों की मानें तो मां शीतला की प्रतिमा करीब डेढ़ सौ साल पुरानी है। मां की प्रतिमा गंगासागर में स्नान के दौरान नगर के रहने वाले एक भक्त को मिली थी। उस भक्त ने मॉ की प्रतिमा साथ लाए। मेन चौक समीप नीम के पेड़ के नीचे मां की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। कुछ दिनों तक भक्तगण नीम के पेड़ के नीचे रखी मॉ की प्रतिमा का पूजन-अर्चन करते रहे। इसके बाद जनसहयोग से मां के मंदिर का निर्माण कराया गया। इसके बाद से समय-समय पर मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया। नीम के पेड़ के नीचे बने मां शीतला मंदिर परिसर में कई देवी-देवताओं की प्रतिमा बनाई गई है। मंदिर के पुजारी राहुल शुक्ला की मानें तो शीतला मंदिर में तीन पीढ़ी से परिवार के लोग पूजा कर रहे हैं। आस्थावानों का कहना है कि मॉ शीतला के आशीर्वाद के बाद ही कोई कार्य का शुभारंभ करते हैं। शारदीय एवं वासंतिक नवरात्र में नगर के अलावा आस-पास गांवों के लोग भी यहां दर्शन पूजन करने आते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें