सोनभद्र। जिले में किसानों के लिए अच्छी खबर है। धान की नर्सरी डालने और उर्द समेत अन्य अनाज की बुआई करन की तैयारी में जुटे किसानों को सस्ते दर पर उर्वरक मिलेगी। किसानों को उर्वरकों को लेने के लिए समितियों का बार-बार चक्कर नही लगाना पड़ेगा। क्योंकि वर्तमान में करीब साढ़े 11 हजार मीट्रिक टन यूरिया समेत अन्य खाद उपलब्ध है। समितियों पर उर्वरकों को भेजने योजना बन रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को मिल सकें। जिले में मई के अंतिम सप्ताह से ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है। मंगलवार को भी तेज आंधी के साथ बारिश हुई। वहीं अधिकांश किसानों ने खेतों की जोत कोड़ शुरू कर दिया है। इसको देखते हुए प्रशासन ने सस्ते दर पर किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक दवाएं आदि मुहैया कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है। यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड से संचालित केकराही सहकारी संघ, चक-चपकी लैंपस, चैनपुर लैंपस, चोपन, लैंपस, जमगांव साधन सहकारी समिति, बहुआर किसान सेवा सहकारी समिति, दुद्वी फेडरेशन, दुद्वी सलैयाडीह, बिरधि किसान साधन सहकारी समिति, गया रतलवल किसान साधन सहकारी समिति, फूलवारी-करमा किसान साधन सहकारी समिति, जुगैल लैंपस, करमा संघ, रामपुर किसान साधन सहकारी समिति समेत सभी समितियों पर किसानों को जरूरत के अनुसार उर्वरक मुहैया कराने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में समितियों के जरिए किसानों को देने के लिए चार हजार 270 मीट्रिक टन यूरिया एवं सात हजार 448 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। शासन से प्रति बोरी यूरिया का रेट 266 एवं डीएपी 1200 रुपये निर्धारित है।