विंढमगंज। कुर्बानी के त्योहार बकरीद के लिए सोमवार को बुटबेढ़वा गांव में लगे अंतिम साप्ताहिक बकरा बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। अच्छी नस्ल और कद-काठी वाले बकरे खरीदाराें की पहली पसंद बने। बकरा बाजार में सर्वाधिक बोली गुलाली नस्ल के बकरे की लगी। इसे 1.21 लाख रुपये में खरीदा गया। कई अन्य बकरे भी ऊंची कीमत पर बिके।
बकरीद इस वर्ष 29 जून को मनाया जाना है। मुस्लिम समाज के लोग इसकी तैयारियों में जोर-शोर से जुटे हैं। यह त्योहार अल्लाह के प्रति समर्पण और गहरी आस्था प्रदर्शित करने का भी जरिया है। इस दिन लोग अपनी क्षमता अनुसार जानवरों की कुर्बानी भी देते हैं। इसमें बकरे की कुर्बानी आम है।
जिले का सबसे बड़ा बकरा बाजार यूपी-झारखंड की सीमा पर विंढमगंज में लगता है। सोमवार को बकरीद से पहले के अंतिम साप्ताहिक बकरा बाजार में खरीद-बिक्री के लिए लोग दूर-दराज से पहुंचे। गढ़वा, डाल्टनगंज, नगर ऊंटारी, दुद्धी, रेणुकूट सहित अन्य क्षेत्रों से आए खरीदारों ने बकरों का गहनता से मुआयना किया। बाजार में नगर उंटारी निवासी इम्तियाज अहमद के गुलाबी नस्ल के बकरे की कीमत सर्वाधिक 1.21 लाख रुपये लगी। करीब चार फीट ऊंचा और 65 किलो वजन वाल बकरा खरीदारों को खूब भाया। गढ़वा के नवादा निवासी मोहम्मद शमीम ने इस बकरे को खरीदा।
इसके बाद इसी नस्ल का दूसरा बकरा 95 हजार में खरीदा गया। बकरा बाजार के ठेकेदार इस्लाम अहमद कुरैशी ने बताया कि बकरीद के पूर्व पड़ने वाले सोमवार को अंतिम बकरा बाजार होने के कारण बकरों की आमद काफी रहा। लगभग 500 बकरे बाजार में आए। खरीदारी के लिए आए सलैयाडीह ग्राम पंचायत निवासी मोहम्मद आफताब ने बताया कि बाजार में कई तरह के बकरे आए हैं, लेकिन महंगाई के कारण उनका दाम अधिक होने से खरीदारी में दिक्कत हुई है। बहुत से लोग बिना खरीदारी मायूस लौट गए।