कोतवाली क्षेत्र के रन्नू गांव मेें सोमवार को दस वर्षीय बालिका की तबीयत बिगड़ गई। आरोप है कि झोलाछाप की लापरवाही से उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। परिजन उसे सीएचसी ले गए जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही झोलाछाप क्लिनिक बंद कर फरार हो गया।
रन्नू गांव निवासी मनोहर अगरिया के घर उनकी नतिनी रोमा (10) पुत्री कामेश्वर निवासी मूरता रहकर पढ़ती थी। सोमवार की दोपहर में बालिका की तबीयत खराब हो गई। गांव में ही इलाज करने वाले झोलाछाप ने बालिका को एक इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद ही बालिका की तबीयत और बिगड़ गई। तबीयत गंभीर होती देख परिवार के लोग उसे दुद्धी सीएचसी लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन बालिका का शव लेकर मूरता गांव चले गए। उधर, रन्नू गांव में किराए के मकान में क्लिनिक संचालित करने वाला झोलाछाप फरार हो गया। इस संबंध में सीएचसी दुद्धी प्रभारी डॉ. शाह आलम अंसारी का कहना है कि बालिका मृतावस्था में अस्पताल पहुंची थी। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए लेकर चले गए।