सोनभद्र। सावन माह में तीन सप्ताह बीतने के बाद भी बारिश न होने से लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। आदिवासी अंचल में लोग तरह-तरह के टोटके कर रहे हैं। म्योरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत लिलासी के ग्रामीणों ने मंगलवार को धूमधाम से मेढक-मेढ़की की शादी कराई। ढोल नगाड़ों के बीच दो गांव के लोगों ने मिलकर इस शादी कार्यक्रम का आयोजन किया। बरात में लोग जमकर थिरके।
आदिवासी क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी के मिलन से इंद्रदेव प्रसन्न हाेते हैं और अच्छी वर्षा होती है। इसी परंपरा के तहत मंगलवार को धूमधाम से शादी कराई गई। बरात लिलासी पोखरी से चलकर के मुरता नदी नाग देवता के स्थान पर पहुंची। धूमधाम से ढोल बाजे के साथ बराती नाचते झूमते पहुंचे। बरात में उपस्थित ग्राम प्रधान रामनरेश जायसवाल, गांव के सेवक बैगा, भगवान देव, मथुरा प्रसाद, लखराज, रामदुलार,धर्मजीत, बाबूलाल व काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।