ओबरा। मानसून के मौसम में अच्छी बारिश होने से इसका सीधा असर जलविद्युत उत्पादन के उत्पादन पर पड़ता है। पिपरी स्थित रिहंद बांध के जलस्तर में वृद्धि होने पर पिपरी जल विद्युत घर से तो अच्छा बिजली उत्पादन तो होता ही है साथ ही इसका सीधा असर ओबरा जल विद्युत के उत्पादन पर भी पड़ता है। चूंकि ओबरा डैम रिहंद डैम का परजीवी डैम है इसलिए पीछे से पानी आने पर ओबरा जल विद्युत घर से भी बिजली उत्पादन में बृद्धि दर्ज की जाती है। यही कारण है कि जुलाई में रिकार्ड जलविद्युत उत्पादन जारी है। रिहंद और ओबरा जलविद्युत घरों से निरंतर उत्पादन के कारण बीते कुछ महीनों में रिकार्ड उत्पादन हुआ है। बुधवार दिन में भी रिहंद की चार और ओबरा जलविद्युत घर की दो इकाइयों से 170 मेगावाट के करीब उत्पादन हो रहा था। फिलहाल रिहंद के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। गुरुवार को रिहंद का जलस्तर 851 फीट तक पहुंच गया था। पानी की उपलब्धता होने के कारण जलविद्युत की इकाइयों को प्रदेश सरकार भरपूर चला रही है। बता दें कि देश में सबसे सस्ती रिहंद के पिपरी जल विद्युत गृह से 76 पैसा प्रति यूनिट एवं ओबरा से 73 पैसा प्रति यूनिट बिजली पैदा हो रही है।