सोनभद्र। नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी दुद्धी से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड के खिलाफ चार और मुकदमे दर्ज हैं। सभी मामले अदालत के विचाराधीन हैं। पहला मुकदमा 16 वर्ष पहले दर्ज हुआ था। दुष्कर्म के मामले में अदालत उसे दोषी करार दे चुकी है।
अदालत ने दुष्कर्म के मामले में विधायक रामदुलार सिंह गोंड को जेल भेजा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विधायक के खिलाफ मुकदमा 2007 में दर्ज हुआ था। इस मामले की विवेचना पूरी हुई और अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।
दुद्धी में पहली बार खिला कमल
अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में पहली पहली बार कमल खिला है। रामदुलार गोंड ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक गुरु विजय सिंह गोंड को हराया। हालांकि दुष्कर्म में दोषी करार दिए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है। अगर दो वर्ष से ज्यादा की सजा मिली तो रामदुलार को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ेगी।
दुष्कर्म के मामले में दोषी विधायक रामदुलार गोंड को 15 दिसंबर को अदालत सजा सुनाएगी। इस पर भाजपा के साथ ही विपक्ष की निगाहें टिकी हुई हैं। कार्यकर्ता और विधानसभा क्षेत्र की जनता भी अदालत के आदेश का इंतजार कर रही है। दरअसल, दुद्धी जिले की सबसे पुरानी विधानसभा सीट है। इससे पहले हुए 17 चुनावों में सिर्फ एक बार जनसंघ को जीत मिली थी। इस सीट पर ज्यादातर कांग्रेस, सपा और बसपा का ही कब्जा रहा है। पहली बार भाजपा को जीत मिली है।
दुष्कर्म पीड़िता की है आठ साल की बेटी
भाजपा विधायक रामदुलार गोंड के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने वाली पीड़िता की आठ साल की बेटी भी है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता विकास शाक्य ने बताया कि नौ साल पहले दुष्कर्म की घटना में पीड़िता गर्भवती हो गई थी। विधायक काे दोष सिद्ध करार दिए जाने के बाद पीड़िता ने खुश है।
जेल में उदास था विधायक, कोरेंटाइन में रखा गया
एमपी एमएलए कोर्ट से दोष सिद्ध करार दिए जाने के बाद दुद्धी से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को मंगलवार की शाम छह बजे जिला कारागार गुरमा (सोनभद्र) ले जाया गया। जहां जेल कर्मियों ने पहले रामदुलार की तलाशी ली। इसके बाद उन्हे कोरेंटाइन में रखा गया। जेल पहुंचे विधायक के चेहरे पर उदासी साफ झलक रही थी। वह कोर्ट के आदेश के बाद से काफी दुखी थे। जेल प्रशासन के मुताबिक रात में उन्हे जेल मेन्युअल के अनुसार भोजन दिया गया। बुधवार की सुबह नाश्ता फिर दोपहर में भोजन दिया गया। जेल अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जेल आने वाले सभी हवालाती को पहले 10 दिन तक कोरेंटाइन में रखा जाता है। ठीक उसी तरह से विधायक रामदुलार गोंड को भी कोरेंटाइन में रखा गया है। इन्हे भी 10 दिन तक कोरेंटाइन में ही रखा जाएगा। इसके बाद बैरक में शिफ्ट किया जाएगा।
विधायक के जेल जाने से पहले ही अपनों ने बना ली दूरी
बभनी। दुष्कर्म के मामले में विधायक रामदुलार गोंड के दोष सिद्ध करार दिए जाने तथा पुलिस अभिरक्षा में जेल जाने के साथ ही कुछ अपनों ने ही दूरी बना ली। जबकि कुछ शुभ चिंतकों के आंख से आंसू छलक पड़े। दुष्कर्म के मामले में विधायक के जेल जाने की खबर सुनते ही चट्टी चौराहों पर यह चर्चा का विषय बन गया। हालांकि दुद्धी विधायक शुरू से ही विवादों के घेरे में रहे। पीड़ित पक्ष न्याय पाने के लिए दर-दर भटकता रहा और अंत में न्याय मिल ही गया। भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं यह कहावत पीड़ित परिवार के साथ चरितार्थ हुआ। कुछ लोगों का कहना है कि जो लोग अब तक विधायक के साथ रहते थे, उसमें कुछ अपनों ने एक दिन पहले ही साथ छोड़ दिया। जबकि कुछ शुभ चिंतकों की आंखों से आंसू छलक पड़े। दुख की घड़ी में भी साथ नहीं छोड़े।