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Sonebhadra News: छापेमारी की जांच की भनक लगते ही दुकान बंद कर भागे चार खाद विक्रेता

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करमा ब्लॉक में छापा मारने पहुंची कृ​षि विभाग की टीम। स्रोत : स्वयं
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सोनभद्र। उर्वरकों की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था की जांच के लिए कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को करमा क्षेत्र में छापेमारी की। जांच के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से उर्वरकों (खाद) के नमूने लिए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। चार प्रतिष्ठानों के संचालक दुकान बंद कर मौके से चले गए। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने चारों के लाइसेंस निलंबित कर बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार, अपर जिला कृषि अधिकारी संदीप कुमार मौर्या और वरिष्ठ पौध संरक्षण सहायक (कृषि रक्षा) नंद किशोर मौर्य की टीम ने उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच के लिए अलग-अलग प्रतिष्ठानों से नमूने लिए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान रुही पेस्टिसाइड, हरियाली बीज भंडार, सिंह बीज भंडार और कृषक उर्वरक केंद्र के संचालक प्रतिष्ठान बंद कर मौके से चले गए। विभाग ने इसे निरीक्षण में सहयोग न करने और कार्रवाई से बचने का प्रयास मानते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। विभाग की ओर से चारों प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र, बीज प्राधिकार पत्र और कीटनाशी प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही इन प्रतिष्ठानों पर संबंधित सामग्री की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। टीम ने बताया कि खाद की गुणवत्ता और बिक्री में अनियमितता रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोनभद्र। बभनी क्षेत्र में डीएपी और यूरिया की निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने तीन उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। मेसर्स अनामिका खाद व बीज भंडार आसनडीह, मेसर्स श्रीराम इंटरप्राइजेज चैनपुर और मेसर्स गुप्ता खाद व बीज भंडार परसाटोला के उर्वरक निबंधन प्राधिकार पत्र को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्रतिष्ठान और गोदाम में उपलब्ध सभी प्रकार के उर्वरक स्टॉक की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूर्व में बभनी क्षेत्र के किसानों ने शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था कि खुले बाजार में डीएपी और यूरिया महंगे दाम पर बेचा जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है।
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