सोनभद्र। आकांक्षी जिले की तीन नगर पंचायतों चोपन, डाला और दुद्धी के रहवासियों के लिए राहत की खबर है। वर्षों से बेहतर पेयजल व्यवस्था का इंतजार कर रहे लोगों को जल्द ही पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पेयजल मिलेगा। करीब 118 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन पेयजल परियोजनाओं के लिए जल निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद इन तीनों नगर पंचायतों के पाइपलाइन से वंचित करीब 20 हजार से अधिक लोगों को घर-घर नल से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के तहत तीनों निकायों में अलग-अलग बजट से पेयजल योजनाएं विकसित की जाएंगी। चोपन में करीब 50 करोड़ए दुद्धी में 35 करोड़ और डाला में लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिले में एक नगर पालिका और नौ नगर पंचायतें हैं, जिनमें से अधिसंख्य में अभी पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है। अब जल निगम शहरी इस कमी को दूर करने में जुट गया है। दुद्धी नगर पंचायत में कनहर बांध से पानी लेकर, उसे फिल्टर (शोधन) करने के बाद सप्लाई दी जाएगी। चोपन और डाला नगर पंचायतों के लिए सोन नदी से पानी उठाया जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीनों स्थानों पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी), ओवरहेड टंकियों का निर्माण और नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। वर्तमान में तकनीकी टेंडर प्रक्रिया जारी है। जल निगम के अवर अभियंता आशीष यादव ने बताया कि फिलहाल तीनों निकायों में तकनीकी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसमें इच्छुक निर्माण एजेंसियों की तकनीकी पात्रता की जांच होगी। इसके तुरंत बाद वित्तीय टेंडर जारी कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। इस स्थायी व्यवस्था से चोपन, डाला और दुद्धी के लोगों का दैनिक पेयजल संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। जनसंख्या एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से जिले से सबसे बड़ी नगर पंचायत अनपरा में डब्ल्यूटीपी और एसटीपी के निर्माण के लिए जमीन की तलाश चल रही है। रेणुकूट नगर पंचायत में डब्ल्यूटीपी के निर्माण के लिए जमीन खोजी जा रही है। दोनों निकायों में वन विभाग एवं परियोजनाओं की जमीन होने के नाते परियोजनाओं के लिए जमीन तलाश करना मुश्किल हो रहा है। फिर भी प्रशासनिक स्तर पर इसके लिए कवायद चल रही है। दुद्धी तहसील प्रशासन और जल निगम के अधिकारियों की तरफ से इसका हल निकालने के लिए प्रयास किया जा रहा है।