राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत बुधवार को स्कूली बसों की स्थिति जांची गई। इस दौरान जहां कई बसों में लगाए गए सीसी कैमरे खराब मिले। वहीं एक निजी स्कूल से जुड़ी बसें बगैर फिटनेस के संचालित होती पाई गईं। उनके परिचालन पर रोक लगाने के साथ ही, तत्काल फिटनेस दुरुस्त कराने और खराब पड़े सीसी टीवी की मरम्मत कराते हुए अविलंब चालू कराने की हिदायत दी गई। बगैर फिटनेस स्कूल बस संचालन पर संचालकों को कड़ी कार्रवाई के लिए भी चेताया गया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के निर्देश पर मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) पीयूष कुमार ने जिला मुख्यालय क्षेत्र स्थित कई विद्यालयों के बसों की जांच की। परिचालन कागजात, फिटनेस प्रमाण पत्र, सुरक्षा मानकों आदि की स्थिति जांची गई। इस दौरान कई स्कूली बसों में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए, जिन्हें तत्काल ठीक कराने के लिए कहा गया। एक विद्यालय की बसें बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के संचालित होती मिलीं जिनका परिचालन रोक दिया गया। सभी स्कूल प्रबंधकों को चेतावनी दी गई कि किसी भी परिस्थिति में बगैर फिटनेस वाले वाहन सड़क पर न उतरने पाएं। सभी बसों का इमरजेंसी गेट व्यवस्थित रखने की हिदायत दी। सीसी कैमरा, जीपीएस ट्रैकर और अग्निशमन उपकरण की व्यवस्था भी दुरूस्त रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही इस बात की ताकीद की गई कि स्कूली बसों पर स्कूल का पूर्ण नाम, चालक का नाम, उसका मोबाइल नंबर, पुलिस विभाग का हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए। वाहन चालकों के नाम, मोबाइल नंबर के साथ उनके चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र को भी परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। बसों में रिफ्लेक्टर लगाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। छात्राओं को ले जाने वाले वाहनों में महिला अटेंडेंट की उपस्थिति अनिवार्य रूप से रखने की हिदायत दी गई है।