पिपरी में स्कूल वाहन को सीज करते एआरटीओ धनवीर यादव।
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आए दिन हो रहे हादसों के बाद नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ बंद नहीं हो रहा। फिटनेस की वैधता खत्म होने पर नोटिस देने के बाद भी स्कूल वाहन महीनों तक सड़कों पर दौड़ता रहा। इन्हीं वाहनों से बच्चे स्कूल से आते-जाते भी रहे। मंगलवार को मामला सामने आने के बाद एआरटीओ प्रवर्तन ने फिटनेस में फेल दो स्कूल वाहनों को सीज कर दिया। स्कूल प्रबंधन को भी नोटिस जारी किया गया है।
गाजियाबाद के एक स्कूल बस में हादसे के बाद शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में संचालित स्कूल वाहनों की जांच कराई गई थी। इसमें बड़ी संख्या में स्कूल वाहन मानकों पर खरे नहीं पाए गए थे। संबंधित स्कूल संचालक को नोटिस देकर वाहनों का फिटनेस और मेंटनेंस दुरुस्त कराने को कहा गया था। इसके बावजूद कई स्कूलों ने इसके प्रति उदासीनता बरती। अनफिट वाहनों से ही बच्चों को ढोया जा रहा है। मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन धनवीर यादव पिपरी पहुंचे तो वहां एक स्कूल के वाहन को रोककर जांच की। अप्रैल में ही उसका फिटनेस प्रमाण पत्र खत्म हो चुका था। नोटिस के बाद भी उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इस स्कूल के दो वाहनों में यह गड़बड़ी मिली। दोनों स्कूल वाहन को सीज करते हुए बच्चों को दूसरे वाहन में बैठाकर घर भेजवाया गया। एआरटीओ ने बताया कि स्कूल प्रबंधकों को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद उन्होंने लापरवाही बरती। प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनकी मान्यता खत्म करने के बाबत उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया जाएगा।