म्योरपुर। सोनांचल को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए म्योरपुर एयरपोर्ट का निर्माण जोरों पर है। नवंबर माह तक यहां काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद उड़ानें भी शुरू होंगी। म्योरपुर एयरपोर्ट से होने वाली पहली उड़ान प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए होगी। आरंभिक दौर में छोटे विमानों को सोनांचल से सीधे राजधानी भेजा जाएगा। इसके बाद क्रमबद्ध ढंग से यात्री संख्या के अनुसार विमानों का आकार और क्षमता बढ़ाई जाएगी।
रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत निर्माणाधीन म्योरपुर एयरपोर्ट सोनांचल के लिए बड़ी उपलब्धि है। आदिवासी बहुल इलाके के लोगों को सड़क मार्ग से राजधानी या देश-प्रदेश के अन्य शहरों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है। इसके चलते उन्हें काफी समय गुजारना पड़ता है। हवाई सेवा शुरू होने के बाद यह सफर कुछ मिनटों तक सिमट कर रह जाएगा। फिलहाल एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की टीम म्योरपुर एयरपोर्ट का निर्माण पूरा कराने में जुटी हुई है। रनवे, टर्मिनल, प्रशासनिक भवन, वेटिंग रूम, फायर स्टेशन सहित प्रमुख भवनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। पार्किंग के कुछ हिस्से में काम शेष है। सुरक्षा मानकों पर भी एयरपोर्ट को खरा उतारने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। नवंबर तक एयरपोर्ट को चालू करने का लक्ष्य है। इसकी मॉनिटरिंग शासन स्तर से नियमित हो रही है। हाल ही में शासन ने भी नए वर्ष से जिन चुनिंदा एयरपोर्ट से सस्ती उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है, उसमें म्योरपुर एयरपोर्ट का भी नाम शामिल है। एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो यहां से सबसे पहले लखनऊ के लिए उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। छोटे आकार के विमान उड़ेंगे। इसके बाद क्रमबद्ध ढंग से उड़ान की संख्या और अधिक क्षमता वाले विमान को बढ़ाया जाएगा।
हाईकोर्ट के स्टे से रुका है पार्किंग एरिया का काम
एयरपोर्ट को नवंबर तक चालू करने की तैयारियों के बीच कोर्ट का स्थगनादेश बड़ी बाधा बना हुआ है। पार्किंग एरिया में शामिल भूमि के स्वामित्व का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट ने निर्णय आने तक इस क्षेत्र में काम न कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा हरहोरी, करकोरी, गडिया व पड़री ग्राम पंचायतों को जाने वाले मार्ग का डायवर्जन न होने की वजह से बाउंड्री का काम अभी प्रभावित हो रहा है, ऐसे में कहा जा रहा है कि बिना बाउंड्री पूरे हुए उड़ान शुरू कर पाना संभव नहीं होगा। उधर, भविष्य में होने वाले विस्तार को लेकर राजस्व व लोक निर्माण विभाग मकानों के मूल्यांकन का काम कर रही है।