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Sonebhadra News: समूह सखियों के खाते से 44.82 लाख की निकासी में इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सहित कई पर प्राथमिकी दर्ज

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सोनभद्र। इंडियन बैंक की नई बाजार शाखा से स्वयं सहायता समूह और सखियों के खाते से अवैध तरीके से 44.82 लाख की निकासी मामले में सीडीओ जागृति अवस्थी के निर्देश पर हुई जांच के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में तत्कालीन बैंक प्रबंधन व अन्य बैंककर्मियों की मिलीभगत से बैंक सखी, उसके नाम पर चल रहे ब्यूटी पार्लर व रिश्तेदारों के खाते में रकम भेजकर डकार लिए जाने का खुलासा हुआ था। प्रकरण में ब्लॉक मिशन प्रबंधक ममता की तहरीर पर सोमवार की रात रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिशन प्रबंधक ने तहरीर में बताया है कि इंडियन बैंक की नई बाजार शाखा में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए शासन से बैंक क्रेडिट लिंकेज की धनराशि प्राप्त हुई थी। उसमें से 4482500 रुपये की तत्कालीन बैंक प्रबंधक, उसके निगरानीकर्ता अधिकारी, कर्मचारी और बैंक सखी की मिलीभगत से गबन कर लिया गया। इसकी जांच के लिए सीडीओ ने वरिष्ठ कोषाधिकारी सूर्यभान सिंह, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक लीड बैंक सलन बागे की टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन बैंक प्रबंधक पंकज धीर, तत्कालीन आहरण निरीक्षणकर्ता अधिकारी, अन्य बैंक कर्मी, तत्कालीन बैंक सखी किरन देवी को दोषी बताया गया है। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है। सरकार की तरफ से जो धनराशि समूहों के खातों में समूह सखियों के खाते में भेजने के लिए दी गई थी। अक्तूबर 2023 से अक्तूबर 2025 के बीच उस धनराशि में से एक बड़ा हिस्सा अनधिकृत तरीके से दूसरे खातों में भेजकर डकारने का सिलसिला जारी रहा। इस अवधि में बैंक सखी किरन देवी के खाते में 24 आजीविका समूहों के खाते से 1384500 रुपये, किरन ब्यूटी पार्लर के खाते में छह समूह के खाते से 5.62 लाख, पुष्पांजलि के खाते में 13 समूहों के खाते से 9.85 लाख, सरोज के खाते में चार समूह के खातों से 2.37 लाख, विमला देवी के खाते में 11 समूह के खाते से 7.79 लाख, मनीषा कुमारी के खाते में छह समूह के खाते से 535500 रुपये भेजे गए। बाद में इस धनराशि को नकद व ऑनलाइन तरीकों से निकाल लिया गया। ताजा कार्रवाई को अमर उजाला की खबर का असर माना जा रहा है। बता दें कि इस प्रकरण से जुड़ी खबरें अमर उजाला में शुरू से ही प्रकाशित होती रहीं। गबन की धनराशि किन-किन खातों में भेजी गई, गत चार अगस्त के अंक में इसका भी खुलासा किया गया था।
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