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Sonebhadra News: रोजगार सेविका सहित दो पर धोखाधड़ी-आपराधिक षडयंत्र की एफआईआर

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पीएम-सीएम आवास के लाभार्थियों को मिलने वाली मनरेगा मजदूरी दूसरों के खाते में डालने के चर्चित मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोप है कि आवास निर्माण के समय तीन किश्तों में मजदूरी की रकम लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है लेकिन इस राशि को दूसरों के खाते में भेज दिया गया। इस मामले में बीडीओ की तरफ से धनराशि वसूली के निर्देश भी जारी हो चुके हैं। अब न्यायालय के आदेश पर पन्नूगंज पुलिस ने धोखाधड़ी-आपराधिक षडयंत्र के आरोप में रोजगार सेविका सहित दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कबरी ग्राम पंचायत के देउरा गांव निवासी रज्जन ने न्यायालय में रोजगार सेविका विनिता पटेल और गलत तरीके से अपने खाते में दूसरे की मजदूरी लेने वाले इजहार निवासी हेवती के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया था कि उसके नाम से आवास आया था। इसकी मजदूरी का पैसा उसके मनरेगा के जाॅब कार्ड में आना चाहिए था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। गत 13 अगस्त 2025 को उसके गांव में सोशल आडिट के लिए अधिकारी पहुंचे तो पता चला कि उसके आवास से जुड़ी मजदूरी का भुगतान कर दिया गया है। जबकि उसे इसकी कोई रकम प्राप्त नहीं थी। एतराज पर उसे प्रधान व रोजगार सेविका से मिलने के लिए कहा गया। जब वह प्रधान के पास पहुंचा तो उन्होने बताया कि रोजगार सेविका ने उसके आवास की मजदूरी इजहार के खाते में भेज दी है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उससे बातचीत के दौरान प्रधान ने इस बात को स्वीकार किया कि उसी की तरह कई दूसरे लाभार्थियों की मजदूरी दूसरों के खाते में भेज दी गई है। पीड़ित का दावा है कि उसने अधिकारियों के यहां कई बार गुहार लगाई। कोई नतीजा नहीं निकला तब अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने प्रकरण को गंभीर पाते हुए पन्नूगंज थानाध्यक्ष का मामला दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्र के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर रोजगार सेविका सहित दो के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच जारी है।
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