सोनभद्र। खेती में बिजली की खपत और निर्भरता कम करने के लिए शासन ने नई कवायद शुरू की गई है। अब सामान्य वर्ग के किसान भी 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पैनल लगवा सकते हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए सोलर पैनल की सुविधा मुफ्त है। हालांकि सोलर पैनल लगवाने के लिए संबंधित किसान के पास पहले से तीन, पांच और साढ़े सात एचपी का सबमर्सिबल पंप व बोर होना आवश्यक है। नेडा के परियोजना अधिकारी के मुताबिक किसानों को बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए सोनभद्र में सोलर पैनल योजना संचालित किया जा रहा है। जिन किसानों के यहां पक्की या कच्ची बोर के साथ तीन एचपी, पांच एचपी या फिर साढ़े सात एचपी का सबमर्सिबल पंप और बिजली कनेक्शन है वह किसान अपने यहां सोलर पैनल लगवा सकते हैं। सामान्य वर्ग, एससी और ओबीसी वर्ग के किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पैनल और इनवर्टर लगाया जाएगा। अनूसूचित जनजाति, मुसहर, कोल सहित अन्य जाति के किसानों को शत प्रतिशत अनुदान देने की व्यवस्था है। इन किसानों के यहां भी पक्का बोर और सबमर्सिबल पंप लगा होना आवश्यक है।
किसानों को ऐसे मिलेगा लाभ
परियोजना अधिकारी के मुताबिक एक किलोवाट सोलर पैनल की लागत करीब 65 हजार रुपये है। तीन एचपी का सबमर्सिबल या मोटर है तो इसके चलाने के लिए तीन किलोवाट के सोलर पैनल की जरूरत होगी। इस प्रकार से यदि किसान तीन किलोवाट का सोलर पैनल लगवाते हैं तो करीब 1 लाख 95 हजार रुपये खर्च होगा। शासन की तरफ से अनुदान मिलने के कारण तीन किलोवाट का सोलर पैनल महज 19500 रुपये जमा कर किसान लगवा सकते हैं। इसी तरह से पांच और साढ़े सात किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया जा सकता हैं।
बिजली खपत शून्य करने के लिए किसान सोलर पैनल लगवा सकते हैं। तीन, पांच और साढ़े सात एचपी के सबमर्सिबल पंप या मोटर लगवाने वाले किसानों को अनुदान पर सोलर पैनल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसानों की तरफ से आवेदन किया जा रहा है। - चंद्रशेखर, परियोजना अधिकारी- नेडा।