सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों को समय से पर्याप्त मात्रा में उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का आरोप है कि निजी दुकानदार रासायनिक उर्वरकों की अधिक कीमत वसूल रहे हैं और इसकी रसीद भी नहीं देते। घोरावल विकासखंड के ढुटेर गांव निवासी प्रगतिशील किसान रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायत जिला कृषि अधिकारी से की गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। किसानों के मुताबिक, साधन सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद वितरण में देरी होती है। कई दिनों बाद नंबर आने और घंटों लाइन में लगने के कारण उन्हें मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ती है। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर समितियों पर सुचारू रूप से खाद वितरण कराने की मांग की है।