महुली। दुद्धी विकास खंड के महुली कस्बा स्थित सहकारी समिति पर किसानों को धान बेचने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जगह के अभाव में करीब पखवाड़े भर से बंद चल रहे धान क्रय केंद्र पर बृहस्पतिवार को धान की बोरियों का उठान हो जाने की सूचना पर क्षेत्र के किसान अपना धान बेचने के लिए पहुंचे थे। पतरिहा गांव के किसान रघुनाथ गुप्ता, महुली के राजकुमार यादव, पोलवा गांव के महेश गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर में धान लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचा तो पहले से धान बेचने के लिए पहुंचे अन्य किसानों का धान क्रय करने में ही शाम हो गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी जब घर चले गए तो धान की रखवाली में उन्हें खुले आसमान के नीचे ही रात बितानी पड़ी। किसानों ने बताया कि अचानक मौसम के बदले तेवर और बूंदाबांदी के बीच उन्हें अपने धान की बोरियों को भीगने से बचाने के लिए घर से कंबल और चादर लाकर ढंकना पड़ा। किसानों ने बताया कि धान क्रय केंद्र पर बोरियों को ढंकने के लिए तिरपाल नहीं मिलने से वे ठिठुरन भरी सर्दी और टिपटिप हो रही बारिश में काफी परेशान रहे। धान क्रय केंद्र पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। किसानों ने यहां व्याप्त दुर्व्यवस्था को तत्काल दूर करने की मांग की है।