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Sonebhadra News: किसान की बेटी शिवांगी बनीं भू-वैज्ञानिक, पहले प्रयास में नौवीं रैंक

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यूपीएससी में नौवा रैंक पाने वाली पकरी गांव की ​शिवांगी दुबे को मिठाई ​खिलाकर खुशी का जताते लोग।
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के पकरी गांव निवासी शिवांगी दुबे ने यूपीएससी की संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक बी (हाइड्रोलॉजी) के लिए घोषित परिणाम में उन्हें ऑल इंडिया रैंक नौवीं मिली है। किसान परिवार से आने वाली शिवांगी की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी है। वह पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की बीएचयू इकाई में मंत्री भी रह चुकी हैं। शिवांगी ने बीएचयू से बीएससी जियोफिजिक्स की पढ़ाई की। सामान्य आर्थिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने बिना किसी विशेष कोचिंग के तैयारी जारी रखी और लक्ष्य हासिल किया। पढ़ाई के दौरान कुछ समय तक वह अभाविप से भी जुड़ी रहीं। कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। उनकी सफलता पर अभाविप की बीएचयू इकाई ने भी प्रसन्नता जताई है। शिवांगी ने करीब दो महीने के भीतर दो बड़ी सफलताएं हासिल कीं। अगस्त में उन्होंने यूजीसी नेट क्वालीफाई किया था और ऑल इंडिया रैंक 77 प्राप्त की थी। इसके बाद संयुक्त भू-वैज्ञानिक परीक्षा में भी सफलता हासिल कर ली। शिवांगी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि लक्ष्य बड़ा था और चुनौतियां भी कम नहीं थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन पिता चंद्रप्रकाश दुबे और मां अंजना ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। बीएचयू के प्रोफेसरों ने भी उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। शिवांगी ने कहा कि किसी भी परीक्षा को तनाव की तरह नहीं लेना चाहिए। तैयारी के दौरान यह सोचना जरूरी है कि दूसरों से अलग क्या किया जा सकता है और कौन-सा तरीका तैयारी को सहज बना सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को बड़े सपने देखने से डरना नहीं चाहिए। लक्ष्य बड़ा रखें और मेहनत करें, क्योंकि मेहनत बड़ी से बड़ी मंजिल को आसान बना देती है।

यूपीएससी में नौवा रैंक पाने वाली पकरी गांव की शिवांगी दुबे को मिठाई खिलाकर खुशी का जताते लोग।

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