सोनभद्र। विंध्य एक्सप्रेसवे और जल, जंगल व जमीन के मुद्दे को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा की ओर से चतरा में रविवार को बैठक की गई। इसमें किसान और आदिवासी परिवारों ने अपनी समस्याएं रखीं। मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि एक्सप्रेसवे को लेकर जिले का कोई भी किसान और आदिवासी अपनी जमीन नहीं देना चाहता। कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती थी, लेकिन अब जमीन लेने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे का निर्माण कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। किसान चेतन ओझा ने कहा कि जमीन उनके लिए मां के समान है और उसका सौदा करना उन्हें स्वीकार नहीं है। धीरज पांडेय और प्रेमनाथ मौर्य ने भी जमीन नहीं देने की बात कही। रामसूरत खरवार ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए वे हर संभव संघर्ष करेंगे। इस मौके पर शत्रुघ्न बिंद, आकाश चौहान, रवि शुक्ल, चेतन ओझा, विजय, अरविंद शंकर, नागेंद्र लाकरा, जितेंद्र लाकरा, प्रमोद तिर्की, विजय पटेल, राकेश, राजेश, संजय बियार आदि मौजूद रहे।