रेणुकूट। श्री पारदेश्वर पीठम में तपोनिधि निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि का तीन दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव की आराधना के अधिकार को सभी के लिए समान बताया। यह कार्यक्रम वनखंडी पारदेश्वर महादेव के पूजन एवं अभिषेक के तहत आयोजित किया गया था। स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने शिव रहस्य, शिवलिंग के प्राकट्य, शिवोपासना और शिव महिमा पर सारगर्भित प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना का अधिकार सभी को समान रूप से प्राप्त है। उन्होंने ब्रह्मा और विष्णु के संवाद की कथा सुनाई। साथ ही दिव्य स्थाणु पुरुष के रूप में शिवलिंग के प्राकट्य का वर्णन किया। स्वामी जी ने शिवलिंग पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान शिव के आशुतोष स्वरूप, करुणा और क्षमाशीलता का भी वर्णन किया। भक्तों के प्रति उनके सहज वात्सल्य को भी बताया। इससे श्रद्धालुओं को शिव आराधना के लिए प्रेरणा मिली। प्रवचन में कैलाश पर्वत पर गंधर्वराज पुष्पदंत द्वारा रचित शिव महिम्न स्तोत्र का प्रसंग भी सुनाया गया। स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि भगवान शिव की महिमा अनंत है। उन्होंने बताया कि यदि मां शारदा समुद्र को स्याही और पृथ्वी को कागज बनाकर अनंत काल तक लिखती रहें, तब भी उनकी महिमा का पार नहीं पाया जा सकता।