वहां मौजूद करन यादव उर्फ गोलू और गणेश प्रताप ने पुलिस को देख फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल हुए। उनके पैर में गोली लगी है। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। एसपी ने बताया कि बदमाशों के पास दो तमंचा, कारतूस और घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक बरामद हुई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि राजेश यादव, अमरजीत यादव और इंद्रजीत यादव की मंगल पाल से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी विवाद और धन उगाही के मकसद से उन्होंने मंगल के पुत्र अनुराग का अपहरण किया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने उनकी खोजबीन शुरू की तो पुलिस से बचने के लिए अगले ही दिन छह मार्च को बालक की हत्या कर दी गई। शव को पटरे में बांधकर बगहां गांव के तालाब में छिपा दिया गया। इसके बाद भी आरोपी पुलिस को गच्चा देते रहे। होली के बाद पुलिस ने जब उनसे सख्ती की तब उन्होंने पूरी घटना की कहानी बताई।
सोनांचल कांवेंट स्कूल में यूकेजी का छात्र अनुराग काफी होनहार था। बदमाशों ने उसके भोलेपन और मासूमियत का फायदा उठाया। बदमाशों ने पहले उसकी रेकी की। अपराह्न में अनुराग घर के बाहर साइकिल चला रहा था। उसके आसपास कोई नहीं था। इस मौके का लाभ उठाते हुए करन, गणेश व उनके अन्य साथी पास आए।
अपनी बातों में बहलाने के बाद उसे आइसक्रीम व चॉकलेट दिलाने की बात कह अपने साथ बाइक से गांव के बाहर लाए और वहां से सीधे मिर्जापुर के बगहां ले गए। अनुराग को बाइक पर बदमाशों के साथ जाते देख गांव के ही कुछ बच्चों ने देखा था। घंटों बाद बेटे के घर न आने पर मंगल पाल ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो बच्चों ने ही अनुराग को बाइक से लाए जाने की जानकारी दी।