अनपरा। बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट के कारण प्रदेश में बिजली की मांग में दो हजार मेगावाट की गिरावट आई है। इससे निगम सहित निजी क्षेत्रों की इकाइयों से बिजली उत्पादन को आधा कर दिया गया। इस बीच अनपरा की 500 मेगावाट की चौथी इकाई तकनीकी कारणों से बंद हो गई। मार्च माह की शुरुआत में तापमान बढ़ने के कारण बिजली की मांग भी बढ़ने लगी थी, जिससे प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 21 हजार मेगावाट के पार चल रही थी। बीते दो दिनों से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में तेजा हवा चलने के साथ बारिश हो रही है, जिससे तापमान मेें काफी गिरावट आई है। आंकड़ों पर गौर करें तो बृहस्पतिवार को पीक ऑवर में बिजली की मांग जहां 21082 मेगावाट थी, वहीं 24 घंटे मे ही बिजली की मांग 2296 मेगावाट घटकर 18786 मेगावाट पर आ गई। इस कारण पीकआवर में उत्पादन निगम की अनपरा डी की दोनों इकाइयों से 292 मेगावाट, ओबरा सी तापीय परियोजना की दोनो इकाइयों से 556 मेगावाट और निजी क्षेत्र की एमईआईएल अनपरा एनर्जी लिमिटेड की दो इकाइयों से 540 मेगावाट का उत्पादन कम कराया गया। शनिवार की देर शाम प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 17662 मेगावाट दर्ज की गई। निगम की अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की चौथी इकाई शुक्रवार को बीटीएल के कारण बंद हो गई। सूचना पर पहुंची मरम्मत विभाग की टीम देर शाम को मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। प्रबंधन ने रविवार की देर शाम तक लीकेज को दुरुस्त कर इकाई से उत्पादन शुरू करने की बात कही है।