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Sonebhadra News: क्रय केंद्रों पर जुगाड़ से आई बिजली, शुरू कराई गई खरीद

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सोनभद्र। पिछले 16 दिनों से धान खरीद की सारी तैयारी पूरी करने के दावों की पोल खुली ताे मंडी समिति में बने केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था करा दी गई। विपणन विभाग के बने केंद्रों पर खरीद भी शुरू हो गई। पहले से नंबर लगाए किसानों के धान की तौल कराई गई। एफसीआई के क्रय केंद्र पर बोरों की खेप भी पहुंचा दी गई। हालांकि दोपहर तक सभी केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था जुगाड़ के सहारे ही थी। देर शाम तक उनके कनेक्शन जोड़ने की दलील दी गई।
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किसानों की उपज को उचित मूल्य पर खरीदने के लिए शासन ने एक नवंबर से ही धान क्रय केंद्र खोलने का निर्देश दिया था। इससे पहले केंद्रों पर सभी व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया था, ताकि केंद्र से कोई भी किसान वापस नहीं लौटे। जिले में 94 क्रय केंद्र बनाकर वहां बैनर तो टांगते हुए कर्मचारी तो नियुक्त कर दिए गए, लेकिन बिजली, पानी, बोरा, छाया आदि की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं समझी।
अफसर इत्मीनान में थे कि किसान दीपावली और छठ बाद ही आएंगे। इसी दलील के साथ वह उच्चाधिकारियों के साथ अपनी व्यवस्था चाक-चौबंद होने का दावा करते रहे। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की पड़ताल में जिला मुख्यालय पर स्थित नवीन मंडी स्थल में बने क्रय केंद्रों के व्यवस्था की पोल खुली तो वह भी नींद से जागे। हाल यह रहा कि जिन केंद्रों पर तीन मीटर दूरी पर स्थित पोल से कनेक्शन करने के लिए 16 दिनों से सिर्फ पत्राचार हो रहा था, वहां आनन-फानन बिजली पहुंचा दी गई।
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जुगाड़ के सहारे दूसरे कनेक्शन से तार जोड़कर केंद्रों पर बिजली देते हुए तौल कांटे चालू कराए गए। विपणन विभाग के केंद्र संख्या दो पर उमरी के किसान मान सिंह से 73 क्विंटल धान खरीदा गया तो केंद्र संख्या 4 पर मुठेर निवासी प्रदीप चौबे के धान की तौल होती रही। केंद्र संख्या पांच पर भी तौल जारी रही। वहीं एफसीआई के क्रय केंद्र पर बिजली तो आ गई थी, लेकिन बोरे देर शाम पहुंचे। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि मंडी समिति के कर्मचारी आकर विवरण ले गए हैं। शाम तक व्यवस्थित कनेक्शन कराने को कहा गया है।
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