चोपन। डीएम चंद्र विजय सिंह ने बुधवार को चोपन सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। वार्डों में मरीजों से बात की। इस दौरान अनुपस्थित आठ डॉक्टर-कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने की हिदायत दी।
सीएचसी में भर्ती मरीजों की दवा-उपचार के बारे में डॉक्टर समुचित जानकारी नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान आशा, एएनएम के प्रशिक्षण कक्ष में अव्यवस्थित ढंग से अल्ट्रासाउंड मशीन और कार्टूनों में कुछ दवाएं, फार्म व ग्लूकोज पाउडर रखा मिला।
इस संबंध में बीपीएम पवन सोनकर, बीसीपीएम सुनील मौर्या व एसटीएस अरून सोनकर संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। डीएम ने उनके वेतन भुगतान पर रोक के निर्देश दिए। डीएम ने तीन माह से एक्स-रे मशीन खराब होने की जानकारी मिलने पर सीएचसी प्रभारी को निर्देशित किया कि मशीन को तत्काल ठीक कराकर एक्स-रे सेवा शुरू कराएं। तीन माह से एक्सरे बंद होने पर संबंधित से स्पष्टीकरण लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया। डीएम ने अस्पताल परिसर के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर न होने पर चिकित्सा अधीक्षक को सुधार के निर्देश दिए।
उपस्थिति पंजिका में वरिष्ठ सहायक सुरेश कुमार गौतम, डॉ. नीतू मल्ल डेंटल सर्जन, डॉ. दीपिका केशरवानी निश्चेतक, डॉ. विद्यानंद त्रिपाठी जनरल सर्जन, डॉ. प्रमोद कुमार मेडिकल आफिसर, कल्लन स्वेच्छक, विनीत सिंह डीआरए, डॉ. प्रमोद कुमार फीजिशियन अनुपस्थित मिले। डीएम ने अनुपस्थित डॉक्टरों व कार्मिकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के साथ उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। चिकित्सा अधीक्षक से कहा कि इस तरह से डॉक्टर व कार्मिकों का अनुपस्थित रहना ठीक नहीं है। स्थिति में सुधार लाएं। लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।