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Sonebhadra News: खाद्य तेलों के दाम में उछाल, पैक का वजन घटने से उपभोक्ता परेशान

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तेल, रिफाइन पर किराना कारोबारी की प्रतिक्रिया- श्यामलाल केशरी। स्रोत स्वयं
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सोनभद्र। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पेट्रोल-डीजल की लागत बढ़ने का असर अब खाद्य तेलों पर भी दिखाई देने लगा है। जिले के बाजारों में सरसों व रिफाइंड तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। वहीं, कंपनियों की ओर से कीमत बढ़ाने के साथ पैकेट का वजन घटाकर आपूर्ति किए जाने से ग्राहकों में नाराजगी है। रॉबर्ट्सगंज के कारोबारियों के अनुसार पहले सलोनी सरसों तेल करीब 150 रुपये प्रति लीटर बिकता था, जो अब 170 से 180 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसी तरह पहले 130 रुपये में मिलने वाला एक लीटर रिफाइंड तेल अब करीब 170 रुपये में 750 ग्राम के पैक में मिल रहा है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है। ग्राहक जरूरत के अनुसार कम मात्रा में तेल खरीद रहे हैं, जिससे बाजार की रौनक भी कम हुई है। किराना कारोबारी श्याम लाल केशरी ने कहा कि तेल कंपनियां पहले कीमत बढ़ाती हैं, फिर पैकेट का वजन कम कर देती हैं। इससे ग्राहकों में असंतोष है और बिक्री पर असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और परिवहन लागत बढ़ने का असर खाद्य तेलों पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ सप्ताह में कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। नंदलाल कुशवाहा ने कहा कि महंगाई के कारण ग्राहक अब एक लीटर की जगह आधा या 750 ग्राम का पैक खरीद रहे हैं। पहले की तुलना में कारोबार धीमा हो गया है। खाद्य तेलों की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। यदि कीमतों में जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

तेल, रिफाइन पर किराना कारोबारी की प्रतिक्रिया- श्यामलाल केशरी। स्रोत स्वयं

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