सोनभद्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम यूपी से पश्चिम बंगाल तक फैले पशु तस्करी के वित्तीय नेटवर्क की एक-एक कड़ी खंगालेगी। इसके लिए सोनभद्र पुलिस से अब तक की जानकारियां मांगी गई हैं। वहीं इस नेटवर्क के तार कहां तक फैले हैं और किन-किन से जुड़े हैं? इसकी छानबीन भी शुरू कर दी गई है। पिछले सप्ताह जिले की पुलिस ने पशु तस्करी के आर्थिक नेटवर्क का खुलासा किया था। दावा किया गया था कि महज 25 खातों के जरिये लगभग 100 करोड़ का लेन-देन सामने आया है। पश्चिम बंगाल से पकड़े गए रजा कुरैशी से पूछताछ में पता चला था कि इस लेन-देन में सीएससी खातों की अहम भूमिका है। यह लेन-देन पकड़ में न आए, इसके लिए पशु तस्करी के लिए अलग और रुपया निकासी के लिए अलग व्यक्तियों का इस्तेमाल किया जाता था। बैंक में नकद के रूप में जो रुपये जमा किए जाते थे, वह 49 हजार या 99 हजार करके डाले जाते थे ताकि इस पर वित्तीय लेन-देन की निगरानी करने वाली एजेंसियों की भी नजर न पड़ने पाए। मोटी रकम के लेन-देन के लिए बिहार के खुरमाबाद में संचालित चंदा ट्रेडर्स, फुरकान ट्रेडर्स के खातों का सहारा लिया जाता था। जांच में भभुआ के रहने वाले सीएससी संचालक संदीप सिंह की भी अहम भूमिका पाई गई थी। तस्करों से पूछताछ में पता चला था कि उसके खाते में रुपये जमा कर तस्करों के खाते में भिजवाए जाते थे। बताते हैं कि हवाला नेटवर्क की तरह पशु तस्करी के भी नेटवर्क संचालन की जानकारी मिलने पर मामले में ईडी की दिलचस्पी बढ़ गई है। प्रयागराज की टीम को नेटवर्क खंगालने की जिम्मेदारी देने की बात बताई जा रही है। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि ईडी किन तथ्यों की जांच करेगी और उसका क्या तरीका होगा, यह जानकारी नहीं है।