सोनभद्र। जिला पोषण कंवर्जेंस समिति के काम की डीएम ने मंगलवार को समीक्षा की। पोषण अभियान के तहत हो रहे कार्यों की मॉनिटरिंग में लापरवाही पर उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) का वेतन रोक दिया। वहीं, सैम-मैम बच्चों की पहचान समेत अन्य कार्यों में शिथिलता बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि जिले के विकास व स्वस्थ समाज के लिए बच्चों का स्वस्थ होना जरूरी है। कुपोषण मुक्त गांव की संकल्पना के साथ ही अधिकारियों को गांव के हिसाब से कार्य आवंटित किए गए हैं। गांवों को शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। सैम-मैम बच्चों की पहचान और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की ओर से लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताते हुए संबंधितों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। पोषण अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की माॅनिटरिंग बेहतर ढंग से न किए जाने पर डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जो आंगनबाड़ी कार्यकत्री अपने कार्यों में सुधार नहीं लातीं, उनकी सेवा समाप्ति करते हुए नए चयन की प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने सभी सीडीपीओ को अति गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, डीडीओ शेषनाथ चौहान, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, डीपीआरओ विशाल सिंह, डीसी मनरेगा रमेश यादव आदि मौजूद रहे।