ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों पर रविवार को लगने वाले जन आरोग्य मेले को लेकर विभागीय अफसर गंभीर नहीं हैं। खलियारी पीएचसी पर रविवार को जन आरोग्य मेले में कोई डॉक्टर नहीं था। फार्मासिस्ट अनूप कुमार ने ही मरीजों का उपचार किया।
दूर दराज के गांवों से छुट्टी के दिन उपचार कराने आए मरीजों में मायूसी दिखी। अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि डाॅक्टर आकस्मिक अवकाश (सीएल) पर हैं। किसी अन्य डॉक्टर की ड्यूटी नहीं लगी है। यहां दोपहर 2 बजे तक 42 मरीज आए थे।
मेले में इलाज कर रहे फार्मासिस्ट ने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार, सर्दी जुकाम, पेट दर्द, मुंह में छाले के थे। उन्हें उपचार और दवा दी गई। मेले में महिलाओं की जांच कर रही एएनएम सरस्वती देवी ने बताया कि कुल 12 महिलाओं का वजन, बीपी, जांच कर उन्हें दवा दी गई है। इस मौके पर सीएचओ सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।
रॉबर्ट्सगंज नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। चिकित्सक डॉ.जेपी सिंह ने बताया कि जन आरोग्य मेला में 32 मरीजों का उपचार कर दवा दी गई।
पीएचसी विंढमगंज पर रविवार को जन आरोग्य मेले में बाहर से कोई टीम नहीं आई। ऐसे में मेला भी बेअसर रहा। सामान्य दिनों की तरह ही पीएचसी के डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी मरीज का उपचार कर रहे थे। अपराह्न तीन बजे तक यहां करीब 17 मरीज ही पहुंचे थे। संवाद
सलखन नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को साप्ताहिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में 25 महिला-पुरुष और बच्चों को जांच हुई। जिला चिकित्सालय से आए अनुभवी चिकत्सकों की देख रेख में मरीजों का उपचार किया। इस मौके पर डाॅ. सतीश, अखिलेश राय, तारा देवी, सितारा देवी, सरिता आदि उपस्थित रहे।
उधर, करमा सीएचसी में जन आरोग्य मेला में 10 मरीजों का उपचार हुआ। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मुन्ना प्रसाद ने बताया कि खुजली और बुखार से संबंधित 10 मरीज आए थे। संवाद