सोनभद्र। जिले के अंतिम छोर पर बिहार सीमा पर स्थित चौरा गांव के वनवासियों को बुधवार को पट्टे का प्रमाण पत्र मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस भौमिक अधिकार के लिए वर्षों से संघर्ष करते आ रहे हैं। कई नेताओं-अफसरों की परिक्रमा करते रहे, मगर अब उनकी हसरत पूरी हुई थी। डीएम चंद्रविजय सिंह ने गांव पहुंचकर खुद 127 पात्र परिवार को पट्टे का प्रमाण पत्र सौंपा। उनकी शिकायतें सुनी और शीघ्र समाधान का भी आश्वासन दिया।
जिला मुख्यालय से करीब 70 किमी दूर स्थित चौरा गांव में पहली बार कोई डीएम पहुंचा था। जिले के सबसे बड़े अधिकारी को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। डीएम ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों को गांव में ही समाधान के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी परिवारों को पट्टे का प्रमाण पत्र देने गांव आए हैं। वनाधिकार कानून के अंतर्गत रहवासियों की जीविका के साधन एवं खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उनके कब्जे की वन भूमि पर उन्हें पट्टे का अधिकार प्रदान किया जा रहा है। अब ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। डीएम ने केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताते हुए उसका लाभ उठाने को प्रेरित किया। इस दौरान डीएम ने गांव के आस-पास प्राकृतिक सौंदर्य को देख यहां ईको टूरिज्म, विलेज टूरिज्म को विकसित करने की संभावनाएं भी देखी। इस दौरान तहसीलदार सुनील कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, बीडीओ नगवां उत्कर्ष सक्सेना, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।