सोनभद्र। डीएम चंद्र विजय सिंह ने मंगलवार को सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कार्यालय की साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने डीएमएफ फंड से खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता भी देखी। चादर की खराब क्वालिटी पर उसे वापस करने के निर्देश दिए। डीसी मनरेगा को खरीदे गए सामानों का मिलान करते हुए उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
डीएम ने प्रभारी सीएमओ डॉ. आरजी यादव को निर्देशित किया कि परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित कराएं। कार्यालय में बनाए जा रहे दिव्यांग प्रमाणपत्र की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही दिव्यांग प्रमाण-पत्र के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया कि दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए आने वाले व्यक्तियों का प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांग प्रमाणपत्र निर्गत कराया जाए। उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न करें। दिव्यांग प्रमाण-पत्र निर्गत करने में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस के संचालन प्रक्रिया का जायजा लिया। कहा कि एंबुलेंस संबंधित क्षेत्रों में निर्धारित समयानुसार बीमार व्यक्तियों को ले आने के लिए तत्पर रहें। इसकी मानीटरिंग बेहतर ढंग से की जाए। इस दौरान उन्होंने मलेरिया कक्ष का भी निरीक्षण किया और विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली। डॉक्टर व कर्मचारियों के उपस्थिति पंजिका का भी निरीक्षण किया। सीएमओ कार्यालय के पास स्थित स्टोर रूम के निरीक्षण के दौरान परिसर में बाहरी वाहन खड़े हुए पाए गए। इस पर डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि अनधिकृत तरीके से बाहरी व्यक्तियों के वाहन कदापि खड़े न होने पाएं। डीएम ने डीएमएफ फंड से क्रय की गई सामग्री के संबंध में संबंधित स्टोर प्रभारी से जानकारी ली। क्रय की गई सामग्री में इन्फ्यूशन पंप विथ स्टैंड, डेंडल एक्सरे मशीन, डायग्नोस्टिक डेंटल किट, एपेक्स लोकेटर सहित अन्य क्रय की गई सामग्रियों के संबंध में जानकारी ली। डीसी मनरेगा रमेश यादव को निर्देशित करते हुए कहा कि डीएमएफ फंड से क्रय की गई सामग्रियों का मिलान कराते हुए उसके गुणवत्ता व मूल्य का भी आकलन करते हुए आख्या प्रस्तुत करें। निरीक्षण के दौरान डीएम ने क्रय की गई चादर की गुणवत्ता ठीक नहीं होने पर डीएम ने सीएमओ को उसे वापस करने को कहा। वैक्सीनेशन सेंटर के निरीक्षण के दौरान टीकाकरण के लिए आई वैक्सीन को निर्धारित समय में सीएचसी-पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचाएं। बच्चों के जन्म के समय जो टीकाकरण होना है, वह टीकाकरण समय से नवजात शिशुओं का किया जाए। हेपेटाइटिस बी के टीकाकरण की गति धीमी होने पर इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया।
स्टोर रूम में पड़ी मिली होम्योपैथिक दवाएं
निरीक्षण के दौरान होम्योपैथिक दवाएं काफी मात्रा में स्टोर रूम में रखी मिलीं। इसी प्रकार से स्टोर रूम में फ्रीज भी काफी संख्या में रखा हुआ था। इस पर डीएम ने सीएमओ और प्रभारी स्टोर महेंद्र दुबे को निर्देशित किया कि जो भी दवाएं व फ्रीज स्टोर रूम में अधिक मात्रा में पड़े हुए हैं, उसे यथा शीघ्र संबंधित सीएचसी-पीएचसी पर पहुंचाएं। ऐसा न होने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने एक सप्ताह बाद वह फिर स्टोर रूम का निरीक्षण करेंगे। इस मौके पर डीसी मनरेगा रमेश यादव, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।