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राबर्ट्सगंज तहसील का पेशकार बर्खास्त, हड़कंप

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सोनभद्र। राजकीय मेडिकल कॉलेज की जमीन के मामले में गड़बड़ी करने के आरोप में डीएम एस. राललिंगम ने राबर्ट्सगंज तहसील में तैनात पेशकार हरि गोविंद को बर्खास्त कर दिया है। सहायक अभिलेख अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है। उधर, पेशकार के बर्खास्त होने की भनक लगते ही कार्य में लापरवाही बरतने वालों में खलबली मच गई है। शासन स्तर से जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृत मिल गई है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए रौप गांव में करीब 16 बीघे जमीन का बैनामा करवाया गया है। भूमि का बैनाम होने के बाद डीएम को पता चला कि जो जमीन बैनामा करवाई गई है, उसमें से पांच बिस्वा जमीन पूर्व में तीन लोग क्रय कर चुके हैं। डीएम ने तहसीलदार से प्रकरण की जांच कराई तो यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में बैनामा हो चुकी जमीन का भी मेडिकल कालेज के लिए बैनामा करा दिया गया है। डीएम ने सहायक अभिलेख अधिकारी को मेडिकल कॉलेज के लिए क्रय की गई जमीन में पूर्व में जिन लोगों ने भूमि खरीद की थी, उनकी खतौनी में नाम दर्ज क्यों नहीं हुआ समेत अन्य बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जांच अधिकारी ने जांच शुरू की तो पता चला कि तहसीलदार के पेशकार ने फाइल को अपने पास दबा लिया, इस नाते खारिज दाखिल नहीं हो सका। अगर पूर्व में जमीन क्रय करने वाले व्यक्तियों का खारिज दाखिल हो गया होता तो दोबारा भूमि का बैनामा नहीं हुआ होता। क्योंकि तीनों कला खतौनी में नाम दर्ज होने पर जानकारी हो गई होती। डीएम ने जांच अधिकारी के रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पेशकार की सेवा समाप्त कर दिया है। सहायक अभिलेख अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सदर तहसील में तहसीलदार के पेशकार हरि गोविंद को बर्खास्त कर दिया गया है। कार्य में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। -एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।
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