जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती उल्टी दस्त से पीड़ित मरीज।
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पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तेज धूप का असर सेहत पर दिखने लगा है। मौसम में उतार-चढ़ाव ने बीमारियों को बढ़ावा दिया है। उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। पिछले दो दिनों में डायरिया के पांच मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इससे कई गुना मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाज करा रहे हैं। मलेरिया और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के मुताबिक खानपान में लापरवाही के चलते ऐसी नौबत आ रही है। इस मौसम में भोजन के साथ पेयजल को लेकर विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
चार दिन पूर्व जिले में रिमझिम बारिश हुई थी। इसके बाद से ही कभी धूप तो कभी बादलों के साथ बूंदाबांदी के कारण मौसम बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बीमारियों में इजाफा हुआ है। वर्तमान में सबसे ज्यादा मरीज डायरिया और मच्छर जनित बीमारियों के हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले 700-800 मरीजों में से 30 फीसदी इन्हीं बीमारियों से ग्रसित हैं। जांच के बाद डॉक्टर उन्हें दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। पिछले दो दिनों में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डायरिया के पांच मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें उरमौरा की साक्षी दुबे (19), धर्मशाला चौक के महेंद्र सिंह (35), उरमौरा की सावित्री देवी (70), छपका की लीलावती (60), ब्रह्मनगर के चंद्रकेश यादव (30) शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों में भी उपचार करा रहे हैं। सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार ने बताया कि मौसम में उतार-चढ़ाव के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय तापमान 25-35 डिग्री के बीच ही है। बीमारियों से बचने के लिए आसपास साफ-सफाई रखें। कहीं भी पानी जमा न होने दें। बासी भोजन का सेवन न करें। साफ पानी पीएं।