सोनभद्र। राबर्ट्सगंज नगर के आरटीएस क्लब में चल रहे श्रीरामचरितमानस नवाह्न पाठ महायज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के अवसर पर मानस पंडाल को फूलों से सुसज्जित किया गया। भगवान श्रीराम की दिव्य आरती हुई। मुख्य व्यास सूर्यलाल मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के राज्य पर प्रतिष्ठित होने पर तीनों लोक के लोग हर्षित हो गए, उनके सारे दुख जाते रहे। कोई किसी से बैर नहीं करता। श्रीराम के प्रताप से सबकी विषमता (आंतरिक भेदभाव) मिट गए। श्रीराम दरबार में भक्तों ने पुष्प वर्षा कर हर्ष जताया। इस दौरान आतिशबाजी करके मुद्रा(खजाना) लुटाई गई। मुख्य व्यास जी ने भरत पीड़ा तथा भरत-हनुमान मिलन, अयोध्या में आनंद, श्रीराम जी का स्वागत, भरत मिलन, राम राज्याभिषेक, वेद स्तुति, शिव स्तुति, वानरों और निषादों की विदाई, रामराज्य का वर्णन आदि कथाओं का वाचन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद महायज्ञ स्थल पर हवन पूजन किया गया। राज्याभिषेक में यजमान अजय शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैल पाठक, शिवानी पाठक ने सहभागिता निभाई। महामंत्री सुशील पाठक ने बताया कि मीडिया प्रभारी हषवर्धन केसरवानी ने फेसबुक पेज पर महायज्ञ का प्रसारण किया। इससे देश के साथ विदेश में बैठे लोग भी महायज्ञ को देख सके। रात्रिकालीन प्रवचन में प्रवचनकर्ता हेमंत त्रिपाठी ने लंका कांड में वर्णित घटनाओं का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि हनुमान जी लंका जाकर सुषेण वैद्य को ले आए और रात में हिमालय से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण की मूर्छा दूर किए। इस अवसर पर समिति के पूर्व अध्यक्ष रतनलाल गर्ग, दीपक कुमार केसरवानी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, किशोर केडिया, दुर्गा परशुराम, विमलेश पटेल, मिठाई लाल सोनी, इंद्र देव सिंह, शिशु त्रिपाठी, मंच आचार्य अनिल पांडेय, शिवकुमार पांडेय, यशवंत देव पांडेय, रमेश पांडेय आदि रहे। मंच संचालन संतोष कुमार द्विवेदी ने किया।