दुद्धी। न्यायिक कार्य से विरत रहकर अधिवक्ताओं ने जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कचहरी मेन गेट पर प्रदर्शन किया। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और दुद्धी को जिला बनाने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं ने वादा किया था कि सरकार में आते ही दुद्धी को जिला बनाया जाएगा। मगर आज तक वादा पूरा नहीं हुआ। सोनभद्र के कैमूर पर्वत के दक्षिण भाग जो जिला दुद्धी के लिए प्रस्तावित है, इसके अंतिम छोर की दूरी जिला मुख्यालय से 150 से 200 किलोमीटर है। जनपद को एमपी, छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमाएं स्पर्श करती हैं। दुद्धी तहसील के 305 राजस्व ग्राम 84 तथा नवसृजित ओबरा तहसील के 84 राजस्व ग्राम सम्मलित हैं। तहसील के अंतर्गत 14 थाना और पांच विकास खंड कार्यालय कार्यरत हैं। आबादी क्षेत्रफल 3380 किलोमीटर है। अधिवक्ताओं का कहना है कि शामली में 284, बागपत 287, हापुड़ में 331 तथा गौतमबुध नगर में 381 राजस्व ग्राम होने के बाद भी जिले का दर्जा दे दिया गया। वहीं दुद्धी को घोषणा के बाद भी जिला नहीं बनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक दुद्धी को जिला नहीं बनाया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर रामपाल जौहरी, जितेंद्र श्रीवास्तव, विष्णुकांत तिवारी, प्रेमचंद यादव, रामजी पांडेय, प्रभु सिंह, अंजनी सिंह , दिनेश आदि रहे।