जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन के जरिये कांग्रेसियों ने तत्काल सर्वे कराकर किसानों को सूखा राहत के तहत मुआवजा वितरण कराने की मांग की।
पूर्व जिला महामंत्री निगम मिश्र के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि अभी तक बरसात न होने से किसानों के धान की नर्सरी पूरी तरह सूख चुकी हैं। अरहर, मूंग, मक्का, तिल बाजरा की बोवाई अब तक नहीं हो सकी है। जिले की 85 फीसदी जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। खेती चौपट होने से उनके समक्ष आजीविका का संकट गहरा गया है। ऐसे में सरकार को तत्काल जिले को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए सूखा राहत पैकेज का एलान करना चाहिए।
किसानों के ऋण वसूली को पूरी तरह समाप्त करने, बिजली बिल माफ करने, मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों की बकाया मजदूरी अविलंब खाते में भेजने, जिले के कल-कारखानों में स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी देने, सभी टोल प्लाजा पर किसानों के साथ-साथ अन्य लोगों की टैक्स वसूली बंद करने की भी मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल में करमा ब्लॉक अध्यक्ष वंशीधर देव पांडेय, सदर ब्लॉक अध्यक्ष अमरेश देव पांडेय, विधि प्रकोष्ठ के जिला चेयरमैन आरपी चौधरी, आशीष शुक्ला, दिनेश धर द्विवेदी, जितेंद्र पांडेय, फरीद खान, शीतला सिंह पटेल, श्रवण पांडेय, अशोक तिवारी, कमल नारायण भारती, वीरेंद्र भारती, कमलाकांत, अनुज अवस्थी, अनिल कुमार मिश्र, आशुतोष दुबे, श्याम किशोर, इंदर सिंह आदि शामिल रहे।