अधूरा पड़ा कोन-तेलगुड़वा मार्ग। संवाद
कोन। वर्षों से जर्जर कोन-तेलगुड़वा मार्ग के निर्माण का शिलान्यास हुए सवा साल बीत चुका है लेकिन अब तक आधी सड़क भी नहीं बन सकी है। निर्माण की धीमी गति से परेशान अधिवक्ताओं और ग्रामीणों ने शनिवार को तहसील दिवस में ज्ञापन देकर काम तेज करने की मांग की। क्षेत्रवासियों के अनुसार, करीब 10 वर्षों से सड़क गड्ढों में तब्दील है। मई 2025 में सड़क निर्माण का शिलान्यास होने के बाद लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी। योजना के तहत तेलगुड़वा से बोदार, झारखंड सीमा तक करीब 40 किलोमीटर सड़क का निर्माण दो चरणों में होना है। पहले चरण में 20 किलोमीटर सड़क प्रस्तावित है, लेकिन अब तक केवल 10 से 12 किलोमीटर हिस्से में ही काम हुआ है। जर्जर सड़क के कारण जिला मुख्यालय पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। अधिवक्ता विनय कन्नौजिया ने बताया कि गड्ढों के कारण वह कई बार बाइक से गिरकर चोटिल हो चुके हैं। जल्द निर्माण शुरू न होने पर आंदोलन होगा। ज्ञापन देने वालों में अनुज त्रिपाठी, प्रभाष पांडेय, प्रदीप कन्नौजिया आदि शामिल रहे।