विंढमगंज। वन क्षेत्र विंढमगंज के ओझा पहाडी के जंगल में जलावनी लकड़ी के नाम पर पेड़ों का अवैध कटान जारी है। जलावनी के नाम पर क्षेत्र में प्रतिदिन हरे पेड़ों की कटाई हो रही है। वहीं दूसरी तरफ समस्या के प्रति विभागीय अधिकारी उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। विंढमगंज सीता मोड से पांच किमी दूर विंढमगंज-कोन सड़क मार्ग से जाने के रास्ते में जंगलों में पेड़ों की कटाई जोरों पर होती है। पर्यावरण प्रेमी ओम प्रकाश, लवकुश चंद्रवंशी ने बताया कि एक तरफ केंद्र सरकार पेड़ लगाओ जीवन बचाओ के नारों के साथ हर वर्ष लाखों की तादाद में पौधरोपण करवाने के साथ पर्यावरण को बनाए रखने के लिए बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ वन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्रतिदिन जलावन के नाम पर हरे पेड़ों की कटाई हो रही है।
कोन के रास्ते गुजरने पर सुबह के वक्त दर्जनों की संख्या में लकड़ी काटने व साइकिल व सिर पर ढोते लोग दिख जाएंगे। इस संबंध में वन रेंजर इमरान खान का कहना है कि वन कर्मियों के माध्यम से पेड़ों की कटान रोकने का काम किया जा रहा है। कटान करने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। कटान में महिलाओं के होने के कारण उन्हें रोक पाने में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है।